Aarambh Hai Prachand, शिव की पूजा आपको आध्यात्मिक स्तर पर ऊपर उठाती है, व्यापार और करियर में समृद्धि और लाभकारी परिणाम देती है।

Aarambh Hai Prachand Lyrics

इस गीत में वर्णित प्रत्येक उदाहरण स्पष्ट रूप से वर्णन करता है कि भारत क्या था और यह सब कैसे शुरू हुआ। यह गीत हमारे राष्ट्र के बारे में सभी सकारात्मक संकेतों को दर्शाता है।

आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड
आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड
आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो

आन बाण शान या कि जान का हो दान
आज एक धनुष के बाण पे उतार दो
आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड
आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
आन बाण शान या कि जान का हो दान
आज एक धनुष के बाण पे उतार दो
आरंभ है प्रचंड..

मन करे सो प्राण दे
जो मन करे सो प्राण ले
वोही तो एक सर्वशक्तिमान है
मन करे सो प्राण दे
जो मन करे सो प्राण ले
वोही तो एक सर्वशक्तिमान है

विश्व की पुकार है
ये भागवत का सार है
कि युद्ध ही तो वीर का प्रमाण है
कौरोवों की भीड़ हो
या पांडवों का नीड़ हो
जो लड़ सका है वो ही तो महान है

जीत की हवस नहीं
किसी पे कोई वश नहीं
क्या ज़िन्दगी है ठोकरों पे मार दो
मौत अंत है नहीं तो मौत से भी क्यूँ डरें
ये जाके आसमान में दहाड़ दो

आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड
आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
आन बाण शान या कि जान का हो दान
आज एक धनुष के बाण पे उतार दो
आरंभ है प्रचंड..

वो दया भाव या कि शौर्य का चुनाव
या कि हार का वो घाव तुम ये सोच लो
वो दया भाव या कि शौर्य का चुनाव
या कि हार का वो घाव तुम ये सोच लो

या की पुरे भाल पे जला रहे विजय का लाल
लाल यह गुलाल तुम ये सोच लो
रंग केशरी हो या मृदंग केशरी हो
या कि केशरी हो ताल तुम ये सोच लो

जिस कवि की कल्पना में ज़िन्दगी हो प्रेम गीत
उस कवि को आज तुम नकार दो
भीगती मासों में आज, फूलती रगों में आज
आग की लपट का तुम बघार दो

आरंभ है प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड आज
जंग की घड़ी की तुम गुहार दो
आन बाण शान या कि जान का हो दान
आज एक धनुष के बाण पे उतार दो

आरंभ है प्रचंड..
आरंभ है प्रचंड..
आरंभ है प्रचंड..

सशक्त भजन (भक्ति गीत) “आरंभ है प्रचंड” शक्ति और प्रतिबद्धता को प्रेरित करता है। “शुरुआत भयंकर है” शीर्षक है, जिसका अनुवाद “शुरुआत भयंकर है” है। आदित्य पुष्करणा ने इसकी रचना की और इसे भारत के सभी सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में लोकप्रियता मिली। गीत दुर्भाग्य से उबरने के आह्वान को दर्शाते हैं, लोगों से अपनी आंतरिक शक्ति खोजने और साहसपूर्वक समस्याओं का सामना करने के लिए कहते हैं। यह गीत अवज्ञा और दृढ़ता की भावना पैदा करता है और लोगों को महत्वपूर्ण बदलाव करने के लिए प्रेरित करता है। इसके उत्साहपूर्ण और प्रेरक स्वर ने इसे रैलियों के दौरान एक रैली का नारा बना दिया है, जो अन्याय के खिलाफ एक दुर्जेय ताकत की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करता है।

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Aarambh Hai Prachand

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